टेस्टॉस्ट्रोन बढ़ाने वाले फल प्राकृतिक पोषण और धातु-वर्धन के श्रेष्ठ स्रोत माने जाते हैं। ये फल शरीर की आंतरिक अग्नि, वीर्य-पोषण, ऊर्जा और पुरुषत्व के गुणों को सुदृढ़ करने में सहायक हैं। अनार वीर्यपोषक फल के रूप में विख्यात है। इसके नियमित सेवन से रक्तसंचार सुधरता है, जिससे पुरुष शक्ति और धैर्य बढ़ता है। इसके दानों में उपस्थित विशेष तत्व वृषणों की क्रियाशीलता को पुष्ट करते हैं। केला स्निग्ध, मधुर और धातु-वर्धक माना गया है। इसमें पाए जाने वाले विशेष खनिज स्नायुतंत्र को मज़बूत कर हार्मोन संतुलन बनाए रखते हैं। यह ऊर्जा प्रदान कर शारीरिक थकावट को दूर करता है, जिससे दैहिक बल और कामशक्ति बनी रहती है।

अंजीर रस और वीर्य की मात्रा बढ़ाने वाला फल है। यह धातुओं को पोषण देता है और निरंतर सेवन से शुक्राणु शक्ति मजबूत होती है। खजूर अत्यंत बलवर्धक माना गया है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देकर पुरुषों में शक्ति, उत्साह और कामोत्तेजना को बनाए रखता है। इसकी गर्म प्रकृति शुक्रधातु को गाढ़ा करती है और पुरुषत्व की जड़ को मजबूत रखती है। काले अंगूर और मुनक्का शुक्रवर्धक फल हैं। इनके नियमित सेवन से शरीर बलवान होता है, शरीर का रक्त शुद्ध होता है और कमजोरी दूर होती है, जिससे स्वाभाविक रूप से टेस्टॉस्ट्रोन निर्माण बढ़ता है।
तरबूज में पाया जाने वाला विशेष तत्व शरीर में रक्तवाहिनियों को प्रसारित करता है, जिससे पुरुष शक्ति वृद्धि में सहायता मिलती है। यह शरीर की उष्णता को शांत करते हुए यौन-ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक है। एवोकाडो में उपस्थित प्राकृतिक तैल और विटामिन हार्मोन निर्माण की मूल सामग्रियों में वृद्धि करते हैं। यह शरीर में पोषण के साथ स्निग्धता प्रदान करता है, जिससे वीर्य उत्तम गुणवत्ता का बनता है।
नारियल, विशेषकर इसका गूदा, शरीर में आवश्यक वसा और पोषक तत्व प्रदान करता है जिससे हार्मोन उत्पादन की क्षमता बढ़ती है। नारियल जल भी शरीर को शुद्ध और तरलता प्रदान कर कोशिकाओं की कार्यक्षमता बढ़ाता है। अनानास पाचन क्रिया को सुधारकर धातु-पोषण में सहायक है। जब पाचन सुधरता है तो रसधातु से लेकर शुक्रधातु तक सभी को भरपूर पोषण मिलता है और पुरुषत्व शक्ति सुदृढ़ होती है।
संतरा, कीवी और अमरूद जैसे विटामिन C युक्त फल प्रजनन कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। इनके सेवन से वृषण कोशिकाएँ मुक्त कणों की क्षति से बचती हैं, जिससे हार्मोन निर्माण की प्रक्रिया मजबूत बनी रहती है। सेब ओज बढ़ाने वाला और वातहर फल है। यह मानसिक और शारीरिक बल दोनों को बढ़ाता है। पपीता पाचन अग्नि को बल देता है, जिससे खाए गए पोषक तत्व प्रभावी रूप से शुक्रधातु तक पहुँचते हैं।
अनानास और स्ट्रॉबेरी जैसे फल शरीर में रक्त प्रवाह को सहज बनाते हैं और सहवास क्षमता को सुधारते हैं। सूखे मेवे, विशेषकर किशमिश, मुनक्का और खजूर का प्रयोग दूध के साथ किया जाए तो और अधिक लाभदायक होता है। ये सभी वीर्य को समृद्ध, गाढ़ा और शक्तिशाली बनाते हैं।
इन फलों का उपयोग तब अधिक लाभदायक होता है जब इन्हें नियमित, संतुलित मात्रा और सही समय—मुख्यत: दिन के पहले हिस्से में—सेवन किया जाए। रात में बहुत अधिक फल, विशेषकर अत्यधिक मीठे या भारी फल, पाचक अग्नि को बाधित कर सकते हैं। इसके विपरीत सुबह या मध्याह्न में सेवन शरीर में ऊर्जा बढ़ाकर हार्मोन निर्माण की प्रक्रिया को और तेज करता है।
जो पुरुष अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में इन फलों को सम्मिलित कर लेते हैं, वे स्वाभाविक रूप से शक्ति, उत्साह और यौन स्वास्थ्य में निरंतर सुधार अनुभव करते हैं। इन फलों के माध्यम से मिलने वाला प्राकृतिक पोषण टेस्टॉस्ट्रोन स्तर को बिना किसी दुष्प्रभाव के बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे पुरुषत्व की चमक, आत्मविश्वास और शारीरिक सामर्थ्य जीवन भर बनी रहती है।