लिंग की Hypersensitivity का आयुर्वेदिक इलाज | समय बढ़ाने का देसी नुस्खा
आजकल बहुत-से पुरुष लिंग में अधिक संवेदनशीलता (Hypersensitivity) की समस्या से परेशान हैं। इस कारण संबंध के समय जल्दी स्खलन, आत्मविश्वास की कमी और वैवाहिक जीवन में तनाव जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। आयुर्वेद में इस समस्या के लिए कुछ प्राकृतिक औषधियाँ बताई गई हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।
इस पोस्ट में हम आपको एक पुराना आयुर्वेदिक चूर्ण बता रहे हैं, जो नियमित सेवन से Hypersensitivity को कम करने में सहायक माना जाता है।
Hypersensitivity क्या है?
जब लिंग की नसें बहुत अधिक संवेदनशील हो जाती हैं और हल्की उत्तेजना में ही स्खलन हो जाए, तो इसे Hypersensitivity कहा जाता है। इसके मुख्य कारण हो सकते हैं:
नसों की कमजोरी
अत्यधिक तनाव
गलत खान-पान
शारीरिक कमजोरी
हार्मोनल असंतुलन
Hypersensitivity का आयुर्वेदिक नुस्खा
आवश्यक सामग्री (Ingredients)
गोंद कटिरा – 100 ग्राम
काली मुसली – 50 ग्राम
इसबगोल का छिलका – 100 ग्राम
लाजवंती (छुईमुई) – 100 ग्राम
गोंद कीकर – 100 ग्राम
धागे वाली मिश्री – 250 ग्राम
⚠️ सभी सामग्री किसी भरोसेमंद पंसारी या आयुर्वेदिक स्टोर से ही लें।
बनाने की विधि
सभी चीजों को अच्छी तरह साफ कर लें।
अब इन्हें मिक्सर या चक्की में बारीक पीसकर चूर्ण बना लें।
तैयार पाउडर को काँच के एयरटाइट जार में सुरक्षित रखें।
सेवन विधि (Dosage)
सुबह: 1 चम्मच खाली पेट
शाम: 1 चम्मच भोजन से 1 घंटा पहले
गुनगुने दूध या सादे पानी के साथ लें
इस नुस्खे के फायदे
लिंग की नसों को मजबूती मिलती है
Hypersensitivity धीरे-धीरे कम होती है
संबंध का समय बढ़ाने में मदद मिलती है
वीर्य की गुणवत्ता में सुधार
शरीर में ताकत और स्टैमिना बढ़ता है
कितने समय में असर दिखता है?
आमतौर पर 3 से 6 सप्ताह के नियमित सेवन से फर्क महसूस होने लगता है। सही परिणाम के लिए संयमित जीवनशैली और धैर्य बहुत ज़रूरी है।
कुछ ज़रूरी सावधानियाँ
अधिक मात्रा में सेवन न करें
नशा, तंबाकू और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचें
पर्याप्त नींद लें
गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें
निष्कर्ष
यदि आप लिंग की Hypersensitivity से परेशान हैं और बिना साइड इफेक्ट के प्राकृतिक समाधान चाहते हैं, तो यह आयुर्वेदिक नुस्खा आपके लिए उपयोगी हो सकता है। सही तरीके से और नियमित सेवन से यह समस्या धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है।
⚠️ डिस्क्लेमर: यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों और सामान्य अनुभव पर आधारित है। किसी भी दवा या नुस्खे को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

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