आजकल 'सुपरफूड' की दुनिया में मोरिंगा (Moringa/सहजन) का नाम सबसे ऊपर है। इसे 'मिरेकल ट्री' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें दूध से ज्यादा कैल्शियम और संतरे से ज्यादा विटामिन C पाया जाता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसे कैसे लें— पाउडर के रूप में या कैप्सूल के रूप में?
मोरिंगा पाउडर: प्रकृति का शुद्ध रूप
मोरिंगा पाउडर सीधे सहजन की पत्तियों को सुखाकर बनाया जाता है।
फायदे: यह शरीर में जल्दी घुल जाता है (High Bioavailability)। आप इसे दाल, सब्जी या स्मूदी में मिलाकर आसानी से खा सकते हैं।
शुद्धता: पाउडर में मिलावट पहचानना आसान है। अगर इसका रंग गहरा हरा है और खुशबू ताजी घास जैसी है, तो यह शुद्ध है।
मोरिंगा कैप्सूल: सुविधा या समझौता?
कैप्सूल उन लोगों के लिए है जो मोरिंगा के कड़वे स्वाद से बचना चाहते हैं।
फायदे: सफर के दौरान लेने में आसान और सटीक मात्रा (Dosage)।
कमी: कई बार मार्केट में मिलने वाले कैप्सूल में 'फिलर्स' (जैसे चावल का आटा) मिला दिया जाता है। साथ ही, कैप्सूल के शेल (Shell) में जिलेटिन या प्लास्टिक जैसे तत्व हो सकते हैं।
क्या मार्केट के कैप्सूल असली होते हैं?
Moringa powder benefits in Hindi
Best Moringa Capsules brand
Moringa powder vs capsules which is better
Sahjan ke fayde (सहजन के फायदे)
Organic Moringa leaf powder
सच तो यह है कि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती। कई ब्रांड्स लागत कम करने के लिए पुरानी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं जिससे पाउडर भूरा पड़ जाता है। HerbalCuraX की सलाह है कि हमेशा 'Organic Certified' लेबल देखकर ही कैप्सूल खरीदें।
निष्कर्ष: हमारा सुझाव
अगर आप शुद्धता और बेहतर परिणाम चाहते हैं, तो मोरिंगा पाउडर सबसे बेहतरीन विकल्प है। लेकिन अगर आप स्वाद बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो ही अच्छे ब्रांड के कैप्सूल की ओर जाएं।

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